यूपी शाहजहांपुर में नगर निगम के कुछ पार्षदों का “मिलबांट सौगंध कांड” का वीडियो देश भर में वायरल होने के बाद कुछ पार्षद सफ़ाई दिलवा रहे हैं, उससे इतर एक मनोनीत महिला पार्षद पिछले दिनों से हो रही “पार्षद” नाम की छीछालेदर को देख आहत हो गईं। गुरुवार को वह अपना त्यागपत्र लेकर निगम पहुंच गईं।इसकी जानकारी जब हुई, तो उनसे संपर्क किया गया। दूरभाष से हुई वार्ता का लब्बोलुआब यह था कि उनको इस कांड के बाद से पार्षद नाम से अजीब सी उलझन होने लगी। बोलीं, एक व्यक्ति( मंत्री जी) दिन रात इस शहर के लिए सोच कर विकास की योजनाएं ला रहा है। वहीं कुछ लोग ऐसे कृत्य कर उनकी अथक मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। उन्होंने शहर का कायाकल्प करने के लिए बहुत कार्य किए हैं। अभी भी उनका प्रयास जारी है। अपने बिजी शिड्यूल में से वह अपने नगर के लिए समय निकालते हैं। सर्व सुलभ हैं। इतने बड़े पद पर होने के बाद भी वह अपने शहर के लोगों के लिए उपलब्ध रहते हैं। उनका सहयोग करने के बजाय कुछ लोग हैं, जो ऐसे कृत्य कर रहे हैं जो किसी सूरत में सही नहीं ठहराए जा सकते। महिला पार्षद ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि जब से यह वीडियो आया है, लोग तरह तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। एक ही तराजू पर सबको तौला जा रहा है, जो ठीक नहीं। इससे पहले भी वह अपने संस्थान के माध्यम से जनसेवा के कार्य करती आ रही हैं। उनको पार्षद भी माननीय ने मनोनीत कराया है। लोग अनावश्यक रूप से उनको घेर रहे हैं। इससे मन विचलित है। इसके चलते वह त्यागपत्र महापौर अर्चना वर्मा और नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी को सौंपा है। उन्होंने लिया नहीं तो उनकी टेबल पर रख आईं हैं। उनका कहना है कि पद से अधिक महत्वपूर्ण सम्मान और निस्वार्थ सेवा है। यह पार्षद हैं…पूनम मेहरोत्रा।।