फर्जी तौर पर पेट्रोल पंप चलता पकड़ा गया, किया गया सील
पेट्रोल पंप फौजी नदारद
यूपी के शाहजहांपुर जिले में बीते वर्ष फर्जी तरीके से थाना रामचंद्र मिशन इलाके में हरदोई रोड पर शराब की दुकान महीनों से चलती रही थी। विभागीय हल्का इंस्पेक्टर हर महीना माल गटक रहे थे। हो हल्ला ज्यादा होने पर दुकान को रातों रात गायब करवा दिया गया था। दुकान गायब करवाने की डिल कराई गई थी। इसी तरह लंबे समय से फर्जी तरह से थाना रोजा इलाके में पेट्रोल पंप चलाया जा रहा था। सैकड़ों लीटर डीजल और पेट्रोल बिक्री किया जा रहा था। मामले की सूचना जिला पूर्ति अधिकारी चमन लाल शर्मा को होते ही पेट्रोल पंप को फ्रीज कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। जिले में अवैध रूप से संचालित पेट्रोल पंपों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को डींगुरपुर अर्सलानी गांव में चल रहे एक अवैध पेट्रोल पंप पर छापा मारकर उसे सील कर दिया। मौके पर बिना लाइसेंस और वैध दस्तावेजों के पेट्रोल-डीजल की बिक्री होती मिली। प्रशासन ने पंप मालिक समेत कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश पर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी रुचि मिश्रा, पूर्ति निरीक्षक संजय यादव, पूर्ति लिपिक प्रशांत यादव और बांट-माप निरीक्षक अरविंद मिश्रा की संयुक्त टीम ने पुलिस बल के साथ डींगुरपुर मुकरमपुर-कटिया रज्जब मार्ग पर छापेमारी की। यहां माई इण्डीफ्यूल प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक डिस्पेंसिंग यूनिट संचालित मिल रही थी, जहां खुलेआम डीजल और पेट्रोल की बिक्री की जा रही थी। जांच के दौरान टीम को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। पेट्रोल पंप पर न तो रेट लिस्ट लगी थी और न ही स्टॉक बोर्ड प्रदर्शित किया गया था। मौके पर मौजूद कर्मचारी कोई भी वैध लाइसेंस अथवा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। टीम को परिसर में दो भूमिगत टैंक भी मिले, जिनमें एक 10 किलोलीटर और दूसरा 12 किलोलीटर क्षमता का था। जांच के समय टैंकों में लगभग 100 लीटर डीजल और 300 लीटर पेट्रोल मौजूद पाया गया। हालांकि स्टॉक सत्यापन के लिए आवश्यक डिप रॉड और डिप चार्ट मौके पर उपलब्ध नहीं थे। मौके पर मौजूद कर्मचारी अमन कुमार और रॉकी ने बताया कि पेट्रोल पंप का मालिक राजाबाबू उर्फ फौजी निवासी ग्राम बैरी, थाना मदनापुर तिलहर है। जांच टीम ने फोन के माध्यम से मालिक को दस्तावेज लेकर मौके पर बुलाया, लेकिन उसने आने से इनकार कर दिया। इसके बाद टीम ने पंप को पूरी तरह अवैध मानते हुए कार्रवाई आगे बढ़ाई। प्रशासनिक जांच में पाया गया कि बिना अनुमति ईंधन का भंडारण और बिक्री मोटर स्पिरिट एवं हाई स्पीड डीजल (प्रदाय एवं वितरण विनियमन एवं अनाचार निवारण) आदेश-2005 तथा उत्तर प्रदेश हाई स्पीड डीजल ऑयल एवं लाइट डीजल ऑयल वितरण आदेश-1981 का उल्लंघन है। साथ ही यह बायोडीजल उत्पादन एवं विक्रय संबंधी शासनादेश 2023 के भी विपरीत पाया गया। कार्रवाई के दौरान टीम ने पेट्रोल और डीजल के नमूने लेकर डिस्पेंसिंग यूनिट की दोनों नोजिलों तथा भूमिगत टैंकों को सील कर दिया। सील की गई यूनिट को अग्रिम न्यायालय आदेशों तक ग्राम पंचायत डींगुरपुर के ग्राम प्रधान पति अशफाक अली की सुपुर्दगी में सौंपा गया है। पुलिस को भी मौके पर निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने इस मामले में पंप मालिक राजाबाबू फौजी, कर्मचारी अमन कुमार, रॉकी तथा अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।







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