शाहजहांपुर। नगर के मोहल्ला खलील गर्बी स्थित बड़ी मस्जिद में बीसवीं तरावीह की नमाज़ में कुरान मुकम्मल हुआ। इस मौके पर एयूएफ क़ाज़ी वार्ड के शहर क़ाज़ी व बड़ी मस्जिद के इमाम हाफ़िज़ मोहम्मद जाहेद अंसारी ने क़ौम को खिताब करते हुए कहा की एक मोमिन मुसलमान को तकवे (परहेज़गारी) की ज़िंदगी गुज़ारनी चाहिए तक़वा कहते हैं वह तमाम काम जिन से अल्लाह और उसके रसूल ने हमें रोका उनसे रुकना और जिन कामों का हमें करने का हुक्म दिया है उसको अच्छे अंदाज़ में करना चाहिए, जिंदगी का जो दिन नसीब हो जाए उसको गनीमत जान कर अच्छे-अच्छे काम कर लिजिये वरना याद रखिए वह दिन दूर नहीं जब हमारे बनाए गए मजबूत मकानों पर हमारे वारिस क़ाबिज़ हो जाएंगे और हमको छोटी सी क़ब्र में रख कर ऊपर से ढेरो मिट्टी डाल कर रुखसत हो जाएंगे फिर हम होंगे और हमारे आमाल होगे।
ईदगाह कमेटी के सचिव क़ासिम रज़ा ने लोगो को ख़िताब करते हुए कहा कि इल्म-ए -दिन के साथ इल्म ए जदीद सीखिए इसलिए कि इल्म के बगैर इंसान तरक्की की बुलंदियां तै नहीं कर सकता । याद रहे जब हम किसी से मिलते हैं न तो हमारे गले में डिग्रियां लटकी होती हैं और न ही हमारे माथे पर हमारे खानदान का नाम लिखा होता है बल्कि ये सिर्फ हमारे किरदार अखलाक अमल और अच्छे बरताओ की खुशबू होती है जो दूसरों को आपका गिरवीदह बना देती है ऐसे लोग हर ज़माने के हीरो और नायाब इंसान होते हैं
याद रखें जिसके पास जो कुछ होता है वह वही बाटता है खुश मिज़ाज इंसान खुशिया बाटता है आलिम इल्म बाटता है दीनदार इंसान दिन बाटता है इस लिए इल्म व अमल के बादशाह बनिए और इल्म फैलाने में अपनी ज़िंदगी वक़्फ़ कर दीजिए
बड़ी मस्जिद के सदर डाक्टर इरशाद हुसैन ने मस्जिद के इमाम हाफ़िज़ मोहम्मद ज़ाहेद अंसारी को फूलों की माला पहनाकर और तोहफे देकर सम्मानित किया गया। मुजीब अत्तारी ने क़ौम और मुल्क की तरक़्क़ी व खुशहाली के लिए दुआ की। शाहनवाज़ क़ादरी ने नात व मनक़बत पेश की। अंत में सलातो सलाम पढ़ा गया। इस मौके पर इरशाद हुसैन, अनीस खां, अफवांन यार खां, अब्दुल रऊफ़ खां, हाफ़िज़ फैज़ान, हसनैन नवाब, जावेद, अकील अत्तारी, आज़ाद मास्टर, दिलशाद हुसैन, शकील, ज़ाहेद, इनतिखाब हुसैन, फरमान, नेहाल, अनस हुसैन इदरीसी, असद अंसारी, मोहम्मद आरीब, ज़रदान हुसैन, नौशाद अंसारी, अरमान हुसैन, इकरार हुसैन, इकबाल हुसैन, दिलशाद हुसैन, क़मर जावेद, मोहम्मद ज़ाहेद ताज आटो पार्टस वाले, बाहर आलम, एहसन रज़ा, समेत तमाम लोग मौजूद रहे।






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