मंडी में खुले में पड़ा किसानों का धान भीगा, व्यापारियों का खरीदा अनाज भी पानी की चपेट में
शाहजहांपुर। लगातार हुई बारिश ने रौजा मंडी की सफाई व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। मंडी परिसर में नालियां गंदगी से अटी पड़ी होने के कारण बारिश का पानी निकासी न होने से जगह-जगह भर गया। इससे खुले में पड़ा किसानों का धान भीग गया। वहीं, व्यापारियों द्वारा खरीदा गया धान भी पानी की चपेट में आ गया। मंडी में चारों तरफ पानी भरा होने की तस्वीरें व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। मंडी परिसर में कई स्थानों पर धान के बोरे और खुले में रखा अनाज पानी से घिरा नजर आया। जमीन पर पड़े धान के आसपास भी पानी भरा रहा। किसानों का कहना है कि एक तरफ उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, वहीं दूसरी ओर बारिश और मंडी की बदहाल व्यवस्था ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। किसानों के सामने सबसे बड़ी चिंता सरकारी क्रय केंद्रों को लेकर भी है। उनका कहना है कि अभी तक सरकारी धान क्रय केंद्र शुरू नहीं हुए हैं। बताया जा रहा है कि 15 अक्टूबर से क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू होगी।ऐसे में किसानों का कहना है कि तब तक बड़ी मात्रा में धान मंडी में कम दामों पर बिक चुका होगा। किसानों को आशंका है कि मजबूरी का फायदा उठाकर बिचौलिये और माफिया सक्रिय हो सकते हैं। किसानों का कहना है कि सरकार लगातार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि किसान को अपनी फसल बेचने के लिए ही जद्दोजहद करनी पड़ रही है। प्राकृतिक आपदा के साथ मंडी की अव्यवस्था और सरकारी खरीद में देरी ने उसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बारिश के बाद रौजा मंडी में जलभराव की स्थिति ने साफ कर दिया कि नालियों की नियमित सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किसानों ने मंडी प्रशासन से नालियों की तत्काल सफाई कराने, जलभराव खत्म कराने और सरकारी क्रय केंद्र जल्द शुरू कराने की मांग की है।किसानों का सवाल है कि जब तक सरकारी खरीद शुरू होगी, तब तक उनकी कितनी उपज कम दामों पर बिक चुकी





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