शाहजहांपुर। परशुरामपुरी नगर में शुक्रवार सुबह खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम की छापेमारी के दौरान विवाद हो गया। देसी घी कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर नमूने लेने पहुंची टीम पर एक कारोबारी ने घर की ऊपरी मंजिल पर तलाशी लेने और रुपये मांगने के आरोप लगाए। विरोध में बड़ी संख्या में व्यापारी तहसील मुख्यालय पहुंच गए और नारेबाजी कर हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम मधुसूदन गुप्ता और सीओ दीपक कुमार सिंह ने स्थिति संभाली। बाद में थाने में दोनों पक्षों के बीच वार्ता के बाद मामला शांत हुआ। जानकारी के अनुसार, लखनऊ के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे देसी घी कारोबारी क्षितिज गुप्ता के प्रतिष्ठान और राम शंकर सरोज के देसी घी स्टोर पर नमूने लिए। वहीं, शिवम गुप्ता और रामपाल गुप्ता के उपलब्ध नहीं होने के कारण उनके यहां नमूने नहीं लिए जा सके। कारोबारी क्षितिज गुप्ता का आरोप है कि टीम निर्धारित कारोबारी स्थल के बजाय उनके घर की ऊपरी मंजिल पर पहुंच गई। आरोप है कि वहां तिजोरी और घर-गृहस्थी के सामान की तलाशी ली गई। कारोबारी ने टीम पर रुपये मांगने का आरोप भी लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विवाद बढ़ने पर व्यापारी एकजुट होकर तहसील मुख्यालय पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया। सूचना पर एसडीएम मधुसूदन गुप्ता और सीओ दीपक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने व्यापारियों से बातचीत कर मामले की जानकारी ली। इसके बाद अधिकारी व्यापारियों के साथ संबंधित स्थान पर पहुंचे, जहां फिर नारेबाजी हुई। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बताया गया कि कुछ लोगों ने टीम के साथ हाथापाई का प्रयास किया, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभाल लिया। इसके बाद दोनों पक्षों को थाने ले जाया गया। यहां एसडीएम, सीओ, थाना प्रभारी अरविंद कुमार सिंह, व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में वार्ता हुई। व्यापारियों ने छापेमारी की प्रक्रिया और घर में तलाशी लिए जाने पर आपत्ति जताई। अधिकारियों ने भी अपना पक्ष रखा। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से आयुक्त राजेंद्र नाथ मिश्रा, सहायक आयुक्त विनीत कुमार और खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजीत सिंह, वरुण कुमार, मनोज कुमार, विवेक वर्मा, सौरभ सोनी तथा मानवेंद्र कुमार मौजूद रहे। व्यापारियों की ओर से नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन मनिंन्द्र गुप्ता, संजीव गुप्ता, विश्वास गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। वार्ता के दौरान व्यापारियों ने नमूने लेने की कार्रवाई पर आपत्ति नहीं जताई, लेकिन एक नमूने को निजी प्रयोगशाला में भी जांच के लिए भेजने की मांग रखी। इस पर सहमति बनने की बात कही गई। साथ ही शिवम गुप्ता और रामपाल गुप्ता के उपलब्ध होने पर नियमानुसार नमूने लेने की बात भी सामने आई। इसके बाद विवाद शांत हो गया। मामले में एक महिला ने भी घर में प्रवेश कर जेवर, तिजोरी और घरेलू सामान की तलाशी लेने पर आपत्ति जताई। महिला ने बिना वारंट तलाशी लिए जाने का आरोप लगाते हुए थाना प्रभारी अरविंद कुमार सिंह को प्रार्थना पत्र दिया। महिला की शिकायत और कारोबारी के आरोपों पर आगे की कार्रवाई संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद स्पष्ट होगी। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को नियम-कानून का पालन करने की हिदायत दी। उनके हस्तक्षेप और आपसी बातचीत के बाद स्थिति सामान्य हो गई।