शाहजहांपुर। ​साल 2012 के विधानसभा चुनाव में शकुंतला देवी ने पुवायां सीट पर ऐतिहासिक और रिकॉर्ड तोड़ जीत दर्ज की थी। जनता ने उन्हें न सिर्फ भारी मतों से विधानसभा भेजा था, बल्कि उनके कार्यकाल को पुवायां के ‘स्वर्णिम विकास काल’ के रूप में याद किया जाता है।
​अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्षेत्र की सूरत बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। पूर्व विधायक शकुंतला देवी के कार्यकाल में ग्रामीण इलाकों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए सड़कों का बहुत बड़ा जाल बिछाया गया, जिससे आवागमन सुगम हुआ था। साथ ही क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को उठाने और स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी धरातल पर उतारा गया था। शकुंतला देवी के विधायक रहते हुए उन्होंने जनता के दरबार में सीधे सुनवाई की परंपरा को मजबूत किया, जिससे हर वर्ग के व्यक्ति को न्याय और राहत मिली।​वर्तमान समय में शकुंतला देवी की लगातार बढ़ती जन-सक्रियता और ताबड़तोड़ जनसंपर्क अभियानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों का हालचाल जानना और उनकी समस्याओं को सुनना यह साबित करता है कि जनता के प्रति उनका समर्पण आज भी पहले जैसा ही अटूट है।​स्थानीय मतदाताओं और उनके समर्थकों का कहना है कि शकुंतला देवी जैसी जमीन से जुड़ी और विकासवादी नेत्री ही पुवायां के रुके हुए विकास को गति दे सकती हैं। उनकी सादगी, जनता से सीधा जुड़ाव और हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने की खूबी उन्हें क्षेत्र का सबसे लोकप्रिय नेता बनाती है। ​क्षेत्र में पूर्व विधायक शकुंतला देवी की सक्रियता को देखते हुए यह साफ है कि आने वाले दिनों में पुवायां विधानसभा का राजनीतिक समीकरण काफी दिलचस्प होने वाला है।