यूपी के शाहजहांपुर। एक रेलवे क्रॉसिंग ऐसी है, जहां बंद होने पर मुर्दे को भी इंतज़ार करना पड़ता है! जी हां, ये रेलवे क्रॉसिंग है केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद और मेयर अर्चना वर्मा की कोठी के पास। शाहजहांपुर का रेलवे स्टेशन ए ग्रेड का है। यहां से हर दिन सैकड़ों गाड़ियां गुजरती हैं। शहर भी करीब है, तो क्रॉसिंग भी ज़्यादा हैं। गोविंद गंज के पास तो ओवरब्रिज बन गया, लेकिन जो उससे आगे की क्रॉसिंग है, वह मुर्दों के लिहाज़ से अति महत्वपूर्ण है। घंटाघर से इधर (सिविल लाइंस इलाके तक) का श्मशान घाट लालपुल स्थित है। गौर करने वाली बात है कि श्मशान गृह ही नहीं इधर अफसरों, न्यायाधीशों की कॉलोनी उस पार है। जीएफ कॉलेज से लेकर सेंट्रल, सेंट पॉल्स समेत कई स्कूल उस तरफ हैं…इस लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही अधिक है। रेलवे क्रॉसिंग अक्सर बंद ही रहती है। कभी कभी जब काफ़ी देर तक ट्रेन पास नहीं होती..फाटक बंद रहता है तो कर्मचारियों से लेकर स्कूली बच्चों को परेशानी होती है। सबसे गम्भीर बात ये है कि शव यात्रा में व्यवधान होता है। कई बार तो मुर्दे को मजबूरन बंद क्रॉसिंग से उधर ले जाना होता है। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यहां लंबे समय से अंडर पास या ओवरब्रिज बनाने की आवश्यकता महसिस्त की जाती रही है, लेकिन वह फलीभूत नहीं हुई। वैसे तो यहां कई वीवीआईपी और हुक्मरान रहते हैं जो चाहें तो समस्या का समाधान हो सकता है, शायद वह इसकी जरूरत नहीं समझते। वैसे, एक सुझाव जनता द्वारा ही रखा गया है। अगर पास या ब्रिज नहीं बनता तो ऋषि आश्रम के पास से एक छोटा अंडर पास श्मशान घाट के करीब बना दिया जाए, जिससे कम से कम मुर्दों को तो जोख़िम बगैर गंतव्य तक ले जाया जा सके ?
कई मौकों पर ऐसा देखा गया है कि जब शवयात्रा रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंची, तो वह बंद हो गईं। ऐसी स्थिति में लोग बमुश्किल शव को तो उस पार ले जाते हैं, लेकिन जो लोग वाहन से वहां तक जाने का प्रबंध करते हैं, वह पीछे ही रह जाते हैं। उनको लंबा इंतज़ार करना पड़ता है। ऐसे में ये ज़रूरत समझी गई कि या तो इधर ही पुल बन जाए या ऋषि आश्रम के पास रेल लाइन के नीचे से छोटा रास्ता। काफ़ी सहूलियत हो जाएगी। अगर सत्ताधीश चाहें, तो इसका समाधान हो सकता है।
साभार जनमन न्यूज







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