यूपी के‌ शाहजहांपुर। पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र ने मंगलवार को दो बिखरते परिवारों को फिर से एकजुट कर रिश्तों में नई उम्मीद जगा दी। केंद्र में आयोजित बैठक में कुल 28 मामलों की सुनवाई हुई, जिनमें दो दंपतियों के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद का सफलतापूर्वक निस्तारण कराया गया।पहला मामला सदर बाजार क्षेत्र का था। करीब एक वर्ष सात माह पूर्व विवाह बंधन में बंधे दंपति के बीच घरेलू कलह के चलते पत्नी पिछले 15 दिनों से मायके में रह रही थी। पत्नी ने पति पर मारपीट करने और खर्च न देने का आरोप लगाया। परिवार परामर्श केंद्र में दोनों पक्षों की काउंसिलिंग की गई। समझाइश और बातचीत के बाद पति ने पत्नी के भरण-पोषण की जिम्मेदारी निभाने तथा भविष्य में बेहतर व्यवहार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद दोनों ने साथ रहने पर सहमति जताई। दूसरा मामला कोतवाली क्षेत्र से संबंधित था। तीन वर्ष पूर्व विवाह करने वाले दंपति के बीच लंबे समय से मतभेद चले आ रहे थे। पति का आरोप था कि पत्नी बिना बताए मायके चली जाती है और उसकी बातों को नजरअंदाज करती है। परामर्शदाताओं ने दोनों पक्षों को रिश्तों की अहमियत समझाई और संवाद बनाए रखने की सलाह दी। इसके बाद दोनों ने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर वैवाहिक जीवन को नई शुरुआत देने का निर्णय लिया।बैठक में कुल 28 पत्रावलियों पर सुनवाई की गई। दो मामलों में सफल समझौता कराया गया, जबकि अन्य प्रकरणों में सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित की गई। केंद्र की पहल से दो परिवार टूटने से बच गए और दंपतियों ने आपसी विश्वास के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया। बैठक में प्रभारी परिवार परामर्श केंद्र महिला उपनिरीक्षक मधु यादव, परामर्शदात्री शशि प्रभा कौशल, महिला मुख्य आरक्षी चंद्रकांता शर्मा, महिला आरक्षी मोनिका कुमारी, नेहा चौहान, निशा मिश्रा और रश्मि चौधरी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।