यूपी के शाहजहांपुर/तिलहर। इजराइल-ईरान तनाव के बीच बहरीन में फंसी भाजपा नेता संजय पाठक की बेटी प्रियंका पाठक आखिरकार अपने पति और बच्चों के साथ सकुशल तिलहर लौट आई हैं। करीब 15 दिनों तक भय और अनिश्चितता के माहौल में बेसमेंट में छिपकर समय बिताने के बाद परिवार ने भारी खर्च कर स्वदेश वापसी की। प्रियंका ने बताया कि हालात उस समय बिगड़े जब फरवरी में एक मॉडलिंग शूट के दौरान उनके लोकेशन से करीब एक किलोमीटर दूरी पर मिसाइल हमला हुआ। जोरदार धमाके से दहशत में आईं प्रियंका ने तुरंत पति अनुज मिश्रा को फोन कर सतर्क किया और किसी तरह कार से घर पहुंचीं। रास्ते भर कई जगह धमाकों की आवाजें और लोगों की भगदड़ ने हालात की गंभीरता को और बढ़ा दिया।
घर पहुंचने के बाद भी खतरा टला नहीं। प्रियंका के मुताबिक, एक दिन घर की खिड़की के सामने ड्रोन नजर आने से परिवार दहशत में आ गया। इसके बाद उन्हें अन्य भारतीय परिवारों के साथ एक सुरक्षित बेसमेंट में शिफ्ट किया गया, जहां करीब 15 दिन बिताए। इस दौरान हमले रुकने पर ही घर जाकर खाना बनाते और फिर तुरंत बेसमेंट लौट आते थे। उन्होंने बताया कि रमजान के दौरान सुबह और शाम कुछ समय के लिए हमले थम जाते थे, उसी दौरान जरूरी काम निपटाए जाते थे। लिफ्ट का इस्तेमाल बंद कर दिया गया था, क्योंकि किसी भी समय फंसने का खतरा बना रहता था। एक समय ऐसा भी आया जब पूरा परिवार 36 घंटे तक कार में ही रहा, जहां खाने-पीने का सामान भी सीमित था। स्थिति कुछ सामान्य होने पर परिवार को सड़क मार्ग से सऊदी अरब पहुंचाया गया। वहां से सोमवार को मुंबई पहुंचे और मंगलवार सुबह करीब 9 बजे तिलहर स्थित अपने घर लौट आए। प्रियंका के पति अनुज मिश्रा, जो एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, ने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में भारत आने का हवाई किराया करीब 25 हजार रुपये होता है, लेकिन संकट के समय एक टिकट के लिए करीब साढ़े तीन लाख रुपये चुकाने पड़े। पूरे परिवार की वापसी में करीब 12 लाख रुपये खर्च हुए। अनुज ने बताया कि एयरलाइंस कंपनियों ने फंसे लोगों को निकालने में मदद की, लेकिन उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि खाड़ी देशों में अभी भी फंसे भारतीयों को जल्द सुरक्षित वापस लाया जाए।
परिवार के सकुशल लौटने पर परिजनों और क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है।