शाहजहांपुर से एक उम्मीद भरी मिसाल एक दिन की पुलिस अधीक्षक बनीं ओशीन अनैजा, 93% अंक लाकर रचा इतिहास(मिशन शक्ति फेज 5 के तहत महिला सशक्तिकरण की नई उड़ान शाहजहांपुर पुलिस की वर्दी नहीं पहनी थी, लेकिन चेहरे पर मासूम मुस्कान थी। हाथ में शिकायतें थीं, लेकिन ज़ुबान में आत्मविश्वास। शाहजहांपुर की होनहार छात्रा ओशीन अनैजा ने एक दिन के लिए पुलिस अधीक्षक बनकर न केवल एक प्रतीकात्मक भूमिका निभाई, बल्कि यह जता दिया कि आज की बेटियां सिर्फ परीक्षा में नहीं, व्यवस्था में भी अव्वल हो सकती हैं।मिशन शक्ति फेज 5 के अंतर्गत महिला एवं बालिका सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में यह विशेष पहल पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी द्वारा की गई। उन्होंने सीबीएसई बोर्ड की 10वीं परीक्षा में 93% अंक लाने वाली तक्षशिला पब्लिक स्कूल की छात्रा ओशीन अनैजा को “एक दिन का पुलिस अधीक्षक” बनाया। इस विशेष अवसर पर ओशीन ने जनसुनवाई की कमान संभाली। जनता की समस्याएं सुनीं, समझीं और अधिकारियों को निर्देश भी दिए। हर निर्देश में आत्मविश्वास था, हर संवाद में गंभीरता। यह महज एक आयोजन नहीं, बल्कि एक अनुभव था — उस नेतृत्व का जो भविष्य की नींव डालता है।
पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने इस पहल को महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक कदम बताते हुए कहा, हमारी बेटियों में प्रशासनिक क्षमता कूट-कूट कर भरी है, ज़रूरत है उन्हें मंच देने की। आज ओशीन ने जो जिम्मेदारी निभाई, वो एक संदेश है कि बेटियां सिर्फ घर की नहीं, देश की भी कर्णधार हैं।
इस आयोजन के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण भँवरे दीक्षा अरुण, अपर पुलिस अधीक्षक नगर देवेन्द्र कुमार, सीओ सिटी पंकज पंत, छात्रा के परिजनों, स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
मिशन शक्ति अभियान के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर जिले भर में कार्यशालाएं, प्रशिक्षण सत्र और जनजागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।आज ओशीन ने वर्दी पहनकर जो क़दम बढ़ाया, वह सिर्फ एक दिन की बात नहीं। यह उस भविष्य की दस्तक है, जहाँ बेटियां ‘संरक्षण’ की नहीं, ‘नेतृत्व’ की प्रतीक बनकर उभर रही है






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