यूपी के शाहजहांपुर मे। मेडिकल कॉलेज में प्रसव के दौरान प्रसूता की मृत्यु के मामले ने प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। परिजनों द्वारा जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपे जाने के बाद जांच की रफ्तार तेज हो गई है। शनिवार को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार ने राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की। जांच के दौरान एडीएम ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला और ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ के अलग-अलग बयान दर्ज किए। मेडिकल कॉलेज के गलियारों में अधिकारियों की मौजूदगी से अफरा-तफरी का माहौल रहा। जानकारी के मुताबिक, हुसैनपुरा निवासी पत्रकार कमल रावत की बेटी प्रियंका को 16 नवंबर को प्रसव पीड़ा के चलते मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की अनदेखी, टालमटोल रवैया और आवश्यक दवाओं व रक्त की व्यवस्था बाहर से कराने का दबाव डालने के कारण प्रियंका की हालत लगातार बिगड़ती गई और उसकी मृत्यु हो गई। पीड़ित परिवार ने 18 नवंबर को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह को शिकायत पत्र सौंपा, जिसके बाद डीएम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी। समिति में एडीएम वित्त और सीएमओ को शामिल किया गया है। एडीएम और सीएमओ ने अस्पताल पहुंचते ही अलग-अलग वार्डों, रिकॉर्ड रूम और लेबर रूम का निरीक्षण किया। घटनाक्रम से जुड़े दस्तावेजों की गहन छानबीन भी की गई। अधिकारियों की मौजूदगी से मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हलचल मच गई। सूत्रों के अनुसार, समिति ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे जल्द ही जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा। पीड़ित परिजनों ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। प्रसूता की मौत को लेकर उठे सवालों के बाद अब निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।