–शासन ने धारा 48 के तहत की कार्रवाई शाहजहांपुर। कांट नगर पंचायत की अध्यक्ष मुनारा बेगम को शासन ने पद से हटा दिया है। बोर्ड बैठकों में स्वयं उपस्थित होने के बजाय अपने प्रतिनिधि रईस मियां के माध्यम से मोबाइल पर ऑडियो-वीडियो कॉल से प्रतिभाग करने का आरोप जांच में सही पाया गया। नगर विकास अनुभाग-1 ने छह अक्टूबर को इस संबंध में आदेश जारी किया है। शासन के आदेश के मुताबिक 27 फरवरी 2024, तीन सितंबर 2024, 23 नवंबर 2024, 27 जनवरी 2025 और सात अप्रैल 2025 को नगर पंचायत बोर्ड की पांच बैठकें हुई थीं। इनमें अध्यक्ष मुनारा बेगम स्वयं उपस्थित नहीं हुईं। आरोप है कि उन्होंने अपने प्रतिनिधि रईस मियां के माध्यम से मोबाइल पर ऑडियो-वीडियो कॉल के जरिए बैठकों में प्रतिभाग किया। जांच में स्पष्ट हुआ कि नगर पालिका अधिनियम में अध्यक्ष के स्थान पर प्रतिनिधि के जरिए बोर्ड बैठक में शामिल होने की व्यवस्था नहीं है। मामले की जांच जिलाधिकारी शाहजहांपुर की ओर से कराई गई। इसके बाद गठित समितियों की रिपोर्ट में भी आरोपों की पुष्टि हुई। शासन के समक्ष दिए जवाब में मुनारा बेगम ने स्वास्थ्य खराब होने और अस्पताल में भर्ती होने के कारण बैठकों में स्वयं उपस्थित न हो पाने की बात कही थी। उन्होंने भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराने का शपथ पत्र भी दिया था। शासन ने माना कि अध्यक्ष के स्थान पर प्रतिनिधि का बोर्ड बैठक में शामिल होना उनके वैधानिक कर्तव्यों के निर्वहन में चूक है। इसे शासनादेश और उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1916 के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए धारा 48 के तहत कार्रवाई की गई। मामले में जुलाई 2025 में मुनारा बेगम के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगाई गई थी। हालांकि, उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में बाद में यह कार्रवाई निरस्त कर नए सिरे से जांच कराई गई। शासन की ओर से सुनवाई के लिए तीन अलग-अलग तारीखें भी निर्धारित की गईं, लेकिन मुनारा बेगम स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देकर उपस्थित नहीं हुईं। शासन ने कार्रवाई संबंधी आदेश की प्रतिलिपि राज्य निर्वाचन आयोग, नगर निकाय निदेशालय, जिलाधिकारी शाहजहांपुर और नगर पंचायत कांट के अधिशासी अधिकारी को भेजी है। जिलाधिकारी को आदेश की प्रति मुनारा बेगम को तामील कराने और अनुपालन आख्या शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।